मोहब्बत मुझे थी उसी – दिल शायरी


मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम,
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी,
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा ।

हर तमन्ना हर एहसास – दिल शायरी


तू ही बता दिल कि तुझे समझाऊं कैसे,
जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे,
यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा,
मगर उसको ये एहसास दिलाऊं कैसे।