खुशियों से नाराज़ है – दर्द शायरी


खुशियों से नाराज़ है मेरी ज़िन्दगी,
बस प्यार की मोहताज़ है मेरी ज़िन्दगी,
हँस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,
वैसे तो दर्द की किताब है मेरी ज़िन्दगी।

एक वादा था तेरा – दर्द शायरी


एक वादा था तेरा हर वादे के पीछे,
तू मिलेगी मुझे हर दरवाज़े के पीछे,
पर तू मुझे रुसवा कर गई,
एक तू ही न थी मेरे जनाजे के पीछे

इतने में लड़की की आवाज़ आई,

कभी हमने सोचा न – दर्द शायरी


कभी हमने सोचा न था,
तुमसे जुदा हो जायेंगे,
सांसे खफा हो जायेंगी,
हम दर-बदर हो जायेंगे,
ख्वाबों में आकर इस-कदर,
हमको जलाया ना करो,
दीवाने हैं, दीवानों का क्या,
इक दिन फना हो जायेंगे..।