खुशियों से नाराज़ है – दर्द शायरी


खुशियों से नाराज़ है मेरी ज़िन्दगी,
बस प्यार की मोहताज़ है मेरी ज़िन्दगी,
हँस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,
वैसे तो दर्द की किताब है मेरी ज़िन्दगी।

इसी ख्याल से गुज़री है – दर्द शायरी


इसी ख्याल से गुज़री है शाम-ए-ग़म अक्सर,
कि दर्द हद से जो गुज़रेगा तो मुस्कुरा दूंगा…!

एक वादा था तेरा – दर्द शायरी


एक वादा था तेरा हर वादे के पीछे,
तू मिलेगी मुझे हर दरवाज़े के पीछे,
पर तू मुझे रुसवा कर गई,
एक तू ही न थी मेरे जनाजे के पीछे

इतने में लड़की की आवाज़ आई,

नफ़रत करना तो हमने – दर्द शायरी


नफ़रत करना तो हमने कभी सिखा ही नहीं,
मैंने तो दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर।

लोग जलते रहे – दर्द शायरी


लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर,
मैंने दर्द की अपने नुमाईश न की
जब जहाँ जो मिला अपना लिया,
जो न मिला उसकी ख्वाहिश न की।

कभी हमने सोचा न – दर्द शायरी


कभी हमने सोचा न था,
तुमसे जुदा हो जायेंगे,
सांसे खफा हो जायेंगी,
हम दर-बदर हो जायेंगे,
ख्वाबों में आकर इस-कदर,
हमको जलाया ना करो,
दीवाने हैं, दीवानों का क्या,
इक दिन फना हो जायेंगे..।