हौसलों से उड़ान शायरी – एटीट्यूड शायरी


खुशबू बनकर गुलों से उड़ा करते हैं,
धुआं बनकर पर्वतों से उड़ा करते हैं,
हमें क्या रोकेंगे ये ज़माने वाले,
हम परों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं।

ठोकर ना लगा मुझे – एटीट्यूड शायरी


ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं,
हैरत से ना देख कोई मंज़र नहीं हूँ मैं,
तेरी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही,
मगर उनसे पूछ जिन्हें हासिल नही हूँ मैं.

कहते है हर बात – एटीट्यूड शायरी


कहते है हर बात जुबां से हम इशारा नहीं करते,
आसमां पर चलने वाले जमीं से गुज़ारा नहीं करते,
हर हालात बदलने की हिम्मत है हम में,
वक़्त का हर फैसला हम गँवारा नहीं करते।