हज़ारों जैसा न समझना – एटीट्यूड शायरी


ना तो बिका हूँ ना ही कभी बिक पाऊंगा,
ये ना समझना मै भी हज़ारो जैसा हूँ।

मेरी फ़ितरत में – एटीट्यूड शायरी


भूलकर हमें अगर तुम रहते हो सलामत,
तो भूलके तुमको संभालना हमें भी आता है,
मेरी फ़ितरत में ये आदत नहीं है वरना,
तेरी तरह बदल जाना मुझे भी आता है।

ऊँची औकात रखी – एटीट्यूड शायरी


मिला हूँ ख़ाक में ऊँची मगर औकात रखी है,
तुम्हारी बात थी आखिर तुम्हारी बात रखी है,
भले ही पेट की खातिर कहीं दिन बेच आया हूँ,
तुम्हारी याद की खातिर भी पूरी रात रखी है।

बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ – एटीट्यूड शायरी


बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ,
आधे दुश्मनो को तो यूँ ही हरा देता हूँ।

हैसियत का अंदाज़ा – एटीट्यूड शायरी


हमारी हैसियत का अंदाज़ा,
तुम ये जान के लगा लो,
हम कभी उनके नही होते,
जो हर किसी के हो जाए।

तेरे गुरूर को देखकर – एटीट्यूड शायरी

तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,
जरा हम भी तो देखें कौन चाहता है तुम्हें हमारी तरह।

औकात की बात मत – एटीट्यूड शायरी

औकात की बात मत कर पगली…
हम जिस गली में पैर रखते हैं,
वहाँ की लड़कियां अक्सर कहती हैं,
बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है।

सूरज सितारे चाँद मेरे – एटीट्यूड शायरी

सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहे,
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे,
शाखों से जो टूट जाये वो पत्ते नही है हम,
आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे।